Author: brmaths
त्रिकोणमितीय अनुपात – Trigometric



Probability – प्रायिकता



Statics – सांख्यिकी

पृष्ठीय क्षेत्रफल एवम आयतन


वृत की परिधि एवम क्षेत्रफल


Coordinate Geometry – निर्देशांक ज्यामिति

Arithmetic Progression – समान्तर श्रेढ़ी

Polynomial – बहुपद

Real Numbers -वास्तविक संख्याएँ

Vedic Ganit Formule – वैदिक गणित सूत्र




probability class 12


वृत की परिधि एवं क्षेत्रफल
वैदिक गणित के सूत्र ( Vaidic Ganit Ke Formule)
Surfaces area and volume ( पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन)
Good Morning
True balance
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रुपये का इतिहास
1522756 का वर्गमूल (Squre Root) ज्ञात कीजिए।
cos20°.cos40°.cos60°.cos80° = 1/16
cos20°.cos40°.cos60°.cos80° = 1/16
L.H.S.
=(cos20°.cos40°)cos60°.cos80°
=1/2[cos(20° + 40°) + cos(20° – 40°)]×1/2×cos80°
=1/4[cos60° + cos(-20°)]cos80°
=1/4[cos60°cos80° + cos20°cos80°]
=1/4[1/2cos80° + 1/2{cos(20° + 80°) + cos(20° – 80°)}]
=1/8[cos80° + {cos100° + cos(-60°)}]
=1/8[cos80° + cos100° + cos60°]
=1/8[cos80° +cos(180° – 80°) +cos60°]
=1/8[cos80° – cos80° + cos60°]
=1/8 ×cos60°
=1/8 × 1/2
=1/16 = R.H.S
L.H.S = R.H.S = 1/16 Hence proved
since
cos(-A)=cosA
cosA.cosB=1/2[cos(A + B) + cos(A – B)]
cos60°=1/2
Vedic Maths


















































Vedic Ganit – वैदिक गणित


















































592837÷119 ध्वजांक विधि
sin^8A-cos^8A
sin8θ – cos8θ
[a2 – b2 = (a + b)(a – b)]
= (sin4θ – cos4θ)(sin4θ + cos4θ)
= (sin2θ – cos2θ)(sin2θ + cos2θ)(sin4θ + cos4θ)
[ sin2θ + cos2θ = 1
x2 + y2 = (x + y)2 -2xy]
=(sin2θ – cos2θ)[(sin2θ)2 + (cos2θ)2]
= (sin2θ – cos2θ)[(sin2θ + cos2θ)2 -2sin2θcos2θ]
= (sin2θ – cos2θ)(1 – 2sin2θcos2θ)
bhakarpatel@gmail.com
भाजकता के नियम
दिमागी कसरत
भाजकता के नियम
●2 की भाजकता का नियम :- यदि किसी संख्या का इकाई अंक 0,2,4,6 या 8 हो तो उस संख्या में 2 का पूरा-पूरा भाग जाता हैं। उदाहरण : 472, 5820, 4578
● 3 की भाजकता का नियम :- यदि किसी संख्या के अंकों के योग में 3 का पूरा-पूरा भाग जाता हैं, तो उस संख्या में 3 का पूरा-पूरा भाग जाएगा।उदाहरण:3525 में अंको का योग 3+5+2+5=15
●4 की भाजकता का नियम :- यदि किसी संख्या के अंतिम दो अंको में 4 का पूरा-पूरा भाग जाता हैं, तो उस संख्या में भी 4 का पूरा-पूरा भाग जाएगा। उदाहरण : 538352
●5 की भाजकता का नियम :- यदि किसी संख्या का इकाई अंक 0 या 5 हो, तो उस संख्या में 5 का पूरा-पूरा भाग जाता हैं। उदाहरण : 284385, 427740
●6 की भाजकता का नियम :- यदि किसी संख्या में 2 और 3 दोनों का पूरा – पूरा भाग जाता हो, तो उस संख्या में 6 का पूरा-पूरा भाग जायेगा । उदाहरण : 6528
●8 की भाजकता का नियम :- यदि किसी संख्या के अंतिम तीन अंको में 8 का पूरा – पूरा भाग जाता हैं , तो उस संख्या में 8 का पूरा – पूरा भाग जाएगा। उदाहरण : 284830872
●9 की भाजकता का नियम :- यदि किसी संख्या के अंकों के योग में 9 का पूरा-पूरा भाग जाता हैं, तो उस संख्या में 9 का पूरा-पूरा भाग जाएगा। उदाहरण: 1527597 में अंको का योग =1+5+2+7+5+9+7=36
●10 की भाजकता का नियम :- यदि किसी संख्या का इकाई 0 हो, तो उस संख्या में 10 का पूरा-पूरा भाग जाएगा। उदाहरण: 3848340
●11 की भाजकता का नियम :- यदि किसी संख्या के सभी अंको को क्रमशः 1,-1,1,-1,… गुणा करके उन सभी परिणामों का योग 11 से विभाज्य हो तो वह संख्या भी 11 से विभाजित होती है। उदाहरण: 187132
| भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल |
|---|
◆ नोट:- दो अंको की संख्या (ab)= 10a+b होती हैं।
परिमेय संख्याएँ Rational Number
परिमेय संख्याएँ
(A) क्रम विनिमेय का नियम
●योग
a+b=b+a
●गुणन
a X b = b X a
(B) साहचर्य (सहचारिता) का नियम
●योग
a+(b+c)=(a+b)+c
●गुणन
a X (b X c)=(a X b) Xc
नोट: क्रम विनिमेय व साहचर्य का नियम , योग और गुणन में लागू होता है।
(C) वितरण का नियम
a X (b+c)=a X b+ a X c
(D) औसत
(a+ b)/2
नोट: योगात्मक तत्समक शून्य(0) और गुणात्मक तत्समक एक (1) होता है।
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चतुर्भुज की रचना
चतुर्भुज की रचना
एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना करने के लिए निम्नलिखित अवयव आवश्यक हैं।:-
★जब केवल भुजाएँ और विकर्ण दिए हो (कोई भी कोण नहीं दिया हो)
(i) जब चार भुजाएँ और एक विकर्ण दिया हो।
(ii) जब तीन भुजाएँ और दो विकर्ण दिये हुए हो।
★जब केवल भुजाएँ और कोण दिये हुए हो (कोई भी विकर्ण नहीं दिया हो)
(iii) जब चार भुजाएँ और एक कोण दिया हो।
(iv) जब तीन भुजाएँ और उनके बीच के दो कोण दिए हो।
(v) जब दो आसन्न भुजाएँ और तीन कोण दिए हो।
चतुर्भुज की विशिष्ट स्थितियाँ
आयत
आयत की रचना करने के लिए निम्नलिखित स्थितियाँ हो सकती हैं:-
(i) दो आसन्न भुजाएँ ज्ञात हो।
(ii) एक भुजा और एक विकर्ण ज्ञात हो।
वर्ग
वर्ग की रचना करने के लिए निम्नलिखित स्थितियाँ हो सकती हैं:-
(i) एक भुजा दी गई हो।
(ii) एक विकर्ण दिया ज्ञात हो।
समचतुर्भुज
समचतुर्भुज की रचना करने के लिए निम्नलिखित स्थितियाँ हो सकती हैं।
(i) एक भुजा तथा एक विकर्ण ज्ञात हो।
(ii) दो विकर्ण ज्ञात हो।





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